Wednesday, September 21, 2022

व्यक्तित्व परीक्षण

परीक्षण मनोवैज्ञानिक

T.A.T मॉर्गन, मर्रे

C.A.T लियोपोल्ड ब्लैक

मोजैक (Mozaic) मार्गरेट लेविन फ़ील्ड

स्याही धब्बा (Ink spot) हरमन रोर्शा

Cross Out प्रेसी

अंतर्मुखी/बहिर्मुखी लेयर, मेरेस्ट्रन, हीड्रर

शब्द साहचर्य युंग

Tuesday, September 20, 2022

सन्धि

 संधि विच्छेद की परिभाषा

संधि में मूल पदों को पृथक कर देना संधि विच्छेद कहलाता हैं।


दो वर्णों के मेल से होने वाले विकार को संधि कहते हैं। इस मिलावट को समझकर वर्णों को अलग करते हुए पदों को अलग-अलग कर देना संधि-विच्छेद है।

संधि तीन प्रकार की होती है। जिसका वर्णन नीचे दिया है।


स्वर संधि

व्यंजन संधि

विसर्ग संधि 

स्वर संधि : स्वर संधि के प्रकार, स्वर संधि की परिभाषा

स्वर संधि परिभाषा : स्वर वर्ण के साथ स्वर वर्ण के मेल से जो विकार उत्पन्न होता है, उसे ‘स्वर संधि’ कहते है।


जैसे – रवि + इन्द्र


इ + इ = ई (यहाँ ‘इ’ और ‘इ’ दो स्वरों के बीच संधि होकर ‘ई’ रूप हुआ)


स्वर संधि के पाँच प्रकार की होती है।


दीर्घ स्वर संधि

गुण स्वर संधि

वृद्धि स्वर संधि

यण स्वर संधि

अयादि स्वर संधि


Saturday, September 17, 2022

भारत के प्रमुख दर्रे

 दर्रे का मतलब दो पहाड़ो के बीच एक ऐसी जगह होती है, जिसका निर्माण नदियों के बहनें के कारण होता है | 

जम्मू-कश्मीर के दर्रे 

बनिहाल – जम्मू को श्रीनगर से
पीर पंजाल – जम्मू को पूंछ और राजौरी से
बुर्जिला – श्रीनगर को गिलगित से
जोजीला – श्रीनगर को लेह से

लद्दाख क्षेत्र के दर्रे

काराकोरम – लद्दाख को चीन के शिंजियांग से
चांग ला – लद्दाख को तिब्बत से
खारदुंग – श्योक और नुब्रा घाटी के बीच
अगहिल – लद्दाख को चीन के सिंकियांग से।
लनक ला – लद्दाख को तिब्बत के ल्हासा से

हिमाचल प्रदेश के दर्रे

बारालाचा दर्रा – मंडी को तिब्बत से
शिपकी दर्रा – किन्नौर को तिब्बत के ज़ान्दा ज़िले से
देब्सा दर्रा – कुल्लू को स्पीति से
नीति दर्रा – कैलाश मानसरोवर के लिए रास्ता
लिपुलेख दर्रा – कुमायूं को तिब्बत से
माना दर्रा – पिथौरागढ़ को तिब्बत से
मंगशा दर्रा – पिथौरागढ़ को तिब्बत से
मुनिंग दर्रा – पिथौरागढ़ को तिब्बत से

सिक्किम के दर्रे

नाथू-ला – चुंबी घाटी को तिब्बत से
जेलेप ला – सिक्किम को तिब्बत से

अरुणाचल प्रदेश के दर्रे

बोमडी ला – त्वांग घाटी को ल्हासा (तिब्बत) से।
दिहांग दर्रा – अरुणाचल प्रदेश को मांडले से
यांग्याप दर्रा – ब्रह्मपुत्र का भारत में प्रवेश मार्ग
दीफू दर्रा – अरुणाचल प्रदेश को मांडले से
लिखापनी दर्रा – अरुणाचल प्रदेश को म्यांमार से।

काराकोरम दर्रा कहां स्थित है

काराकोरम दर्रा कितने मीटर की ऊंचाई पर स्थित है

भारत का सबसे ऊंचा दर्रा कौन सा है

Wednesday, September 14, 2022

शैशवावस्था की परिभाषाएं

 शैशवावस्था की परिभाषाएं निम्नलिखित है।

एडलर के अनुसार शैशवावस्था की परिभाषा

“बालक के जन्म के कुछ माह बाद ही यह निश्चित किया जा सकता है।कि जीवन में उसका क्या स्थान है।”

न्यूमैन के अनुसार शैशवावस्था की परिभाषा

“शैशवास्था जीवन का सबसे महत्वपूर्ण काल है।”

वैलेंटाइन के अनुसार शैशवावस्था की परिभाषा

“शैशवावस्था सीखने का आदर्श काल है।”

स्टैंग की परिभाषा

“जीवन के प्रथम वर्ष में बालक अपने भावी जीवन का शिलान्यास करता है।यधपि उसमें परिवर्तन हो सकता है।पर प्रारम्भिक प्रवृत्तिया और प्रतिमान सदैव बने रहते हैं।”

फ्रायड के अनुसार शैशवास्था की परिभाषा“बालक को जो कुछ बनना हैं।प्रारंभ के चार पांच वर्षों में बन जाता है।”


गुडएनफ के अनुसार शैशवास्था की परिभा


” व्यक्ति का जितना भी मानसिक विकास होता है ,उसका आधा 3 वर्ष की आयु तक हो जाता है


क्रो एंड क्रो के अनुसार शैशवास्था की परिभा


“बीसवीं शताब्दी को बालक की शताब्दी कहा जाता है।










समास

 समस्त(All) पद के सभी पदों को अलग – अलग करने की प्रक्रिया(Process) को समास विग्रह कहते है

उदाहरण – सूर्य + पुत्र = सूर्य का पुत्र

समास के छः मुख्य भेद है

  1. अव्ययीभाव समास
  2. तत्पुरुष समास
  3. कर्मधारय समास
  4. द्विगु समास
  5. द्वंद समास
  6. बहुव्रीहि समास

Tuesday, September 13, 2022

अधिगम वक्र


अधिगम प्रक्रिया को निश्चित पैटर्न के रूप में व्यवस्थित करने को अधिगम वक्र कहते हैं
इसमें अधिगम की न्यूनता या अधिकता या शून्य स्थिति व्यक्त की जाती है।
अधिगम वक्र चार प्रकार का होता है।
1.सरल रेखीय वक्र
सरल रेखीय वक्र में अधिगम की गति एक समान होती है।

2.उन्नतोदर वक्र

इस प्रकार के वक्र में सीखने की गति शुरूआत में तीव्र होती है और उच्चतम बिंदु पर पहुंचने के पश्चात सीखने की गति मंद होना शुरू हो जाती है।
3.नतोदर अधिगम वक्र
इस प्रकार के अधिगम वक्र के आरंभ में सीखने की गति मंद हो जाती है उसके पश्चात धीरे-धीरे सीखने की गति तीव्र होना शुरू होती है और वह उच्चतम स्तर की ओर बढ़ती है।
4.मिश्रित अधिगम वक्र 
इस प्रकार के अधिगम वक्र में शुरूआत में अधिगम की गति तीव्र या मंद और अंत में भी अधिगम की गति मंद या तीव्र दोनों तरह से हो सकती है। 

GK

  51- fdl oSfnd xzaFk esa ^o.kZ* ’kCn dk loZizFke ukeksYys[k feyrk gS\ ¼ a ½ _Xosn      ¼ b ½ vFkZoZosn  ¼ c ½ lkeosn ¼ d ½ ;tqosZn 52- ...